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Wednesday, 4 May 2011

यादें - Yaadein

यादें दुनियामे है ऐसी 
जो रहती है साथ हर पल, 
न कोई भुला सकता है यादो को 
और न कोई चुरा सकता है | 

हो आप अमीर या गरीब 
यादें तो रहती है साथ हर पल,  
चाहे हर पल याद न आये यादे 
पर यादें तो है साथ हर पल | 

इस दौड़ - धुप और भीड़ - भडकद मे 
यादो का तन्हाई से साथ ऐसा 
जैसे उजाले का सूरज से 
और फूलो का भवरो से | 

जैसे साया अपने साथ रहता है 
वैसे ही तन्हाई से जुडी है यादे, 
अगर तन्हाई मे आप बेठे है 
तो यादो का फंवारा फूटने लगता है | 

कुछ यादे खुशी से पागल कर देती है 
तोह कुछ गम के अथाह सागर मे डुबो देती है,  
कुछ यादे कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देती है 
तो कुछ तोड़कर बिखेर देती है | 

यादों का खजाना है ही ऐसा 
जो लिए बेठो तो ख़तम होता ही नहीं 
दफनाना चाहो तो दफ़न होता ही नहीं 
याद न करना चाहो तो भी याद आता रहे | 

सच, यादो का तो काम है बस याद आना
कुछ भूली-बिसरी बातो को तरो - ताज़ा करना, 
बीते हुए गम और खुशियों  का एहसास एक बार फिर दिलाना 
गुजरे हुए अतीत को आज के वर्तमान से जुड़ाना |


Saturday, 23 April 2011

सो गया है ज़मीर आज हर इन्सान का - So Gaya Hai Zamir Aaj har Insaan Ka

सो गया है  ज़मीर आज हर इन्सान का, 
तभी तो इन्सान-इन्सान का दुश्मन है, 
तभी तो चोरी-डकेत का फैशन है, 
तभी तो खून-खराबे का मौसम है | 

सो गया है ज़मीर आज हर इन्सान का, 
तभी तो सराफत-इंसानियत की बहार जाती रही है, 
तभी तो फ़र्ज़-कर्त्तव्य के फूल खिलते नही है, 
तभी तो इंसाफ-इमानदारी भीड़ में कही खो गयी है | 

सो गया है ज़मीर आज हर इन्सान का, 
तभी तो रिश्वत युग आ गया है, 
तभी तो कलयुग आ गया है, 
तभी तो बस अनर्थ ही अनर्थ हो रहा है | 

सो गया है ज़मीर आज हर इन्सान का !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

Sunday, 27 March 2011

Endless Desires










Here Rises The Sun,
                Uncovering the Darkness,              
Bringing In A New Day,
Hopes Rekindled, Strengths Re-gained,
                Forget The Pain, Leave The Grudge,            
                                Body & Mind Recharged By Night’s Rest,
A New Journey Begins Of The Same Life
                With New Dreams & New Visions,
                                With New Attire & New Gestures,
Join The Rat Race to Run,
Into The Endless Desire Accomplishments,              
                Wanting to Get Everything in Shortest Time,
Re-struggle On Yesterday’s Left-over Dreams
                Don’t Know What The Day Has In Store For Me,
                                Yet I Run With My Plans, My Dreams,
Hoping To Achieve Them Today
So That I Begin My New Day Tomorrow
                                With A New Dream, A New Vision
& The Life Continues This Way,
Each Day Giving Rise To New Desires,
Those Desires That Drive Us & Keep Us Moving !!!!!


                                       (Written today 27/03/2011)
(This was published in The Times of India's Supplement 'The Times of Vapi' on 13/05/2011)